सोचा नहीं था जिंदगी इस कदर मोड़ लेगी,
एक प्यारी सी ख्वाहिश को पल भर में तोड़ देगी,
किसे गुनहगार कहूँ अपने इस मंजर के लिए तू बता,
शायद मैं ही एक गलत ख्वाहिश कर गया हूँ..
अनजान से इस दिल को किसी की आहट सी हो गयी थी,
और ये जान कर उस दिल को शिकायत सी हो गयी थी,
इनकार करने से क्यू मुकरते हैं वो जान ही न सका,
पर बिन इज़हार के इस प्यार की शायद उन्हें भी आदत सी हो गयी थी..
बिन सोचे ही अपने एहसासों को हम बढ़ाते चले गए,
और वो भी बड़ी शिद्दत से हमे आजमाते चले गए,
एक फासले के बाद जब लगा एक उम्मीद कर के देख लें,
और बस उम्मीदों को वो उसी पल में जलाते चले गए..
यकीन होता है अभी की कितना मजबूर हो गया हूँ,
पास करके उन्हें मैं कितना दूर हो गया हूँ,
जिंदगी उनके इर्द-गिर्द समेट सा गया हूँ,
और अब बस एक मजाक सा बनके रह गया हूँ..
दिल कहता है उनका कि वो मेरे होना नहीं चाहते,
फिर क्यू कहती है जुबाँ कि मुझे खोना नहीं चाहते,
बिन पूछे प्यार करने का एक गुनाह कर गया हूँ,
और अब अपने लिए ही एक मजाक सा बन गया हूँ..
सब कुछ बोल के अब थक सा गया हूँ,
और एक मजाक सा बनकर अब रह सा गया हूँ..
Bdhia hai.. !! Shabashi Aladin ko dein ya inki Jasmine ko??? ;)
ReplyDeleteBilkul jasmine ko sir ji..
ReplyDeleteHaathon me to sirf hunar hota hai dekhi to art hi jaati hai..haath nahi..
So as to here also..all credit goes to JASMINE:))
smjh gye te hum.. ab jra milva do hume bhi unse.. Hum bhi didaar krke ke khuda ki kaaynat ki tarif kr le !!! ;)
ReplyDeletealey waah..bahut accha likha....ab alladin ki jasmine se hume bhi milna padega :))
ReplyDeletebahut accha likha hai
though i dint understand evry word!!! i got the essence of it !!!
ReplyDeleteit was heart touching yar!!!
hope it was not u in the write up and is a imagination!!!
:) :) :)
zindagi me sab hmare hath me nahi hota....kuch auron ke hath me hota hai....alladin sirf siddat se jasmine ko pyar kar sakta hai...apnana ya use intezaar karana jasmine ke hath me hota hai....
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